गीता के अर्थ और रोज़ के जीवन पर लेख
श्लोक का संदर्भ समझें, उसकी बात पर ठहरें और देखें कि आज के जीवन में वह क्या कहता है।
- शुरुआत
रोज़ पाँच मिनट में गीता पढ़ने की शुरुआत कैसे करें
गीता पढ़ना कहाँ से शुरू करें? छोटे अंशों, उनके संदर्भ और रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी बातों के साथ सात दिन की एक सरल शुरुआत।
- श्लोक का अर्थ
नतीजों की चिंता कैसे छोड़ें? भगवद्गीता से एक सीख
नतीजों की चिंता पर भगवद्गीता की सीख सरल हिंदी में समझें। फल की आसक्ति छोड़ने का अर्थ कोशिश छोड़ना या परिणाम की परवाह न करना नहीं है।
- श्लोक का अर्थ
ध्यान में मन बार-बार भटकता है? जानिए गीता क्या कहती है
ध्यान के समय मन भटके तो खुद से लड़ना ज़रूरी नहीं। गीता में उसे धैर्य से वापस लाने की बात है। इसे सरल हिंदी में समझें, बिना ध्यान को अपने साथ एक और लड़ाई बनाए।
- दैनिक पाठ
रोज़ का गीता पाठ दिन भर साथ कैसे रहे
गीता का दैनिक पाठ केवल पढ़कर आगे न बढ़ें। संदर्भ समझने और उसे अपने दिन की किसी वास्तविक स्थिति से जोड़ने का सरल तरीका।